Story of my life

जरा इज्जत से समेटना बुझे हुए दिए को


जरा इज्जत से समेटना बुझे हुए दिए

को दोस्तों|

इन्होंने हमें अमावस की अंधेरी रात में

रोशनी दी थी|

किसी और को जलाकर खुश होना

अलग बात है|

उन्होंने तो खुद को जला कर हमें

खुशी दी थी|


– Ankur Chaudhari

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